रक्षा सिविलियन | मुख्य पृष्ठ
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दिनांक 1.7.1996 की प्रभावी तिथि से रहन-सहन के लागत में वृद्धि के परिणामस्वरुप होने वाली क्षतिपूर्ति के लिए मँहगाई राहत प्रदान की जाती है । यह औसत सी.पी.आई. 306.33 की राशि से अलग दी जाती है । यह वर्ष में दो बार यथा 1जनवरी तथा 1जुलाई को मूल्य वृद्धि के आधार पर स्वीकृत की जायेगी । ये स्वीकृति 31दिसंबर तथा 30जून जैसी की स्थिति हो, को देय औसत सी.पी.आई. 306.33 की राशि से अलग दी जायेगी । मँहगाई राहत पारिवारिक पेंशन या सारांशीकरण से पहले मूल पेंशन पर स्वीकार्य होता है ।रुपये का अंश अगले एक रुपये में जो़ड़कर पूर्ण कर दिया जायेगा । यदि पेंशनर जो केन्द्र / राज्य सरकार के अधीन नियोजित/पुनर्नियोजित अथवा केन्द्र या राज्य सरकार, कंपनी ,निगम, उपक्रम, स्वायत शासी निकाय अथवा भारतीय रिजर्व बैंक अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अथवा सामान्य बीमा निगम / जीवन बीमा निगम के अधीन वर्ग 'अ' का पद धारण किया हुआ है अथवा सेवानिवृत्ति के समय कमीशन प्राप्त अधिकारी के रैंक में कार्यरत है तो उसे मँहगाई राहत निलांबत कर दी जायेगी क्योंकि उसने पुनर्नियोजन के दौरान उक्त लाभ प्राप्त कर लिया है । दिनांक 18.7.1997 से केन्द्र सरकार आदि के अधीन नियोजित लोगों सहित समस्त परिवार पेंशनरों को मँहगाई राहत दी जायेगी । उन पेंशनरों / परिवार पेंशनरों, जो एक से अधिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, के मँहगाई राहत की गणना प्राप्त की गयी समस्त पेंशनों के योग के आधार पर की जायेगी । मँहगाई भते की दर अनुलग्नक ' ' पर दर्शायी गयी है ।

संवितरण -सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा ड़ाक विभाग सहित समस्त पेंशन सांवतरण प्राधिकारियों को अपने आदेश की एक प्रति पृष्ठांकित करेगी । बैंक / ड़ाकपाल तथा अन्य पेंशन सांवतरण प्राधिकारी अपने विभागाध्यक्ष से आदेश की प्रति प्राप्त करेंगे तथा हुई अभिवृद्धि को पेंशनर के खाते में स्वतः जमा करेंगे ।

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