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सतत् परिचर्या भत्ता उन मामलों में स्वीकृत किया जाता है जब 100 प्रतिशत अशक्तता पर विकलांगता पेशन प्रदान की जाती है यदि अशक्तता अथवा पुनः सर्वेक्षण चिकित्सा बोर्ड के परामर्श से पेंशन स्वीकृत प्रधिकारी द्वारा इसकी मंजूरी की जाती है तो स्वीकृत विकलांगता की स्थिति के अनुसार आवश्यक्ता उत्पन्ऩ होन पर कम से कम 3 माह तक सतत् परिचर्या की सेवा ली जा सकती हैं।
सतत् परिचर्या भत्ता निम्न के लिए देय नहीं होगा :
1.पेंशनर किसी समय सरकारी संस्थान या अस्पताल में सहवासी या अंतरंग रोगी था ।
2.सतत् एवं सवेतन परिचारक की किसी अवधि में देखभाल के लिए वास्तविक रुप से नियोजित नहीं किया गया था ।
3.पेंशनर के पनर्नियोजन की अवधि के लिए
- सतत् परिचर्या भत्ता की दर 600 प्रतिमाह 1-1-96 से स्वीकृत किया गया है
