कमीशन आफिसर | मुख्य पृष्ठ
<< पिछला पृष्ठ अगला पृष्ठ >>



युद्ध क्षति वेतन अब दिनांक 1.1.86 से बुद्ध क्षति पेशन के रूप् में जाना जाता है इसमें सेवा अंश तथा विकलांगता अंश नहीं होता परन्तु एक समेकित राशि होती है। 100 प्रतिशत विकलांगता पर युद्धक्षति पेंशन होगी और यह अंतिम आहरित परिलब्धियों की गणना के बराबर होगी।

रक्षा मंत्रलय पत्र सं 5 / 87 / डी / पेशन / सेवाए। दिनांक 30.10.87

जहां विकलांगता 100 प्रतिशत से कम है वहां युद्ध क्षति पेशन की राशि अनुपातिक रूप में कम होगी । परन्तु किसी भी मामले में युद्ध क्षति पेंशन की राशि आफिसर के अंतिम आहरित परिलब्धियों की गणना से 60 प्रतिशत से कम होगी।

उपयुर्क्त पैरा में उल्लिखित युद्धक्षति पेशन की न्यूनतम राशि अशक्तता के समय अथवा बाद में किसी पुर्निधारण की अवस्था में विककलांगता अंश के 20 प्रतिशत से कम के निर्धारण पर भी स्वीकार्य होगी।

युद्ध क्षति पेशन के अतिरिक्त आफिसर सेवानिवृत उपदान का भी हकदार होगा सेवानिवृत पेशन के बसद युद्ध क्षति पेशन की दर यदि सैनिक कार्मिक की युद्धक्षति के कारण विकलांगता हुई है इसके बावजूद वह सेवा में बना है तथा बाद मे सेवा निवृत किया जाता है तो सेवा निवृत के समय युद्ध क्षति पेशेन की एक मुश्त क्षतिपूर्ति भारत सरकार के पैरा 2 के दिनांक 7.3.91 के तहत आहरित करने की इच्छा व्यक्त कर सकता है। भारत सरकार के पैरा 5 दिनांक 7.3.91 के शर्तों के तहत निम्लिखित एवार्ड प्राप्त करने के हकदार होगे।
  • सेवा अंश यह सेवानिवृति के समय की गई अर्हक सेवा की अवधि पर आधारित होता है। तथा सेवा/ सेवानिवृति पेंशन के बराबर होता है।
  • विकलांगता अंश युद्ध क्षति के कारण 100 प्रतिशत विकलांगता पर अंश 5200/- प्रतिमाह होगा।


युद्ध क्षति पेंशन का 43 प्रतिशत संराशिकृत किया जा सकता है बशर्ते विलांगता स्थाई प्रकृति की है तथा जीवन प्रर्यन्त है।
अगला विषय : सेवा ग्रेच्यूटी
| साइट मैप | सम्पर्क करें | ©2007 PCDA(P)