ग्रेच्यूटी
ग्रेच्यूटी वास्तविक अर्हक सेवा के पूर्ण किए गए प्रत्येक छमाही अवधि के गणनीय परिलब्धियों के 1/2 की दर स्वीकार होगी ।(वेतन एवं ड़ी पी के साथ वर्गीकरण भता यदि कोई हो,तथा सेवामुक्त होने की तिथि पर शामिल ड़ी ए)
यदि व्यक्ति सैन्य अधिनियमों के तहत बर्खास्त कर दिया जाता है तो वह अपनी पूर्व में की गई सेवा के संबंध में पेंशन/ग्रेच्यूटी का हकदार नहीं होगा । यद्यपि कुछ विशेष मामलों में सेवा पेंशन या ग्रेच्यूटी राष्ट्रपति के विवेकानुसार उतनी ही स्वीकार्य होगी जिसके लिए उसने अर्हता हासिल की है ।
यदि व्यक्ति को सैन्य अधिनियम की धारा 20 के अंतर्गत सेवा से बर्खास्त किया गया हो तो उसे सक्षम प्राधिकारी (जैसे भारत सरकार) द्वारा मामले की अनिवार्यता के अनसार पेंशन/ग्रेच्यूटी की राशि में कमी करके पेंशन/ग्रेच्यूटी की स्वीकृति को स्वीकार करने पर विचार किया जा सकता है ।
दिनांक 1-1-96 की प्रभावी तिथि से जिन कार्मिकों की सेवा पेंशन की दर अप्रभावी हो गई है उसे रक्षा मंत्रालय के दिनांक 3-2-98 का पत्र सं.1(6)/98/ड़ी(पेन/सर्स)को अंतर्विष्ट किया गया है ।
| अर्हक सेवा की अवधि | मृत्यु ग्रेच्यूटी की दर |
| एक वर्ष से कम | गणनीय परिलब्धियों का दगुना |
| एक वर्ष या अधिक परंत 5वर्ष से कम | गणनीय परिलब्धियों का 6 गुना |
| 5 वर्ष या अधिक परंत 20 वर्ष से कम | गणनीय परिलब्धियों का 12 गुना |
| 20 वर्ष या अधिक | अर्हक सेवा के पूर्ण किए गए प्रयेक 6 माह के लिए गणनीय परिलब्धियों का आधा गणनीय परिलब्धियों का न्यूनतम 12 गुना तथा अधिकतम 33 गुना के साथ निर्धारित सीमा 3.5 लाख से ज्यादा नही होनी चाहिए । |
