- जब कार्मिक की मृत्यु का कारण सैन्य सेवाओं के दौरान आरोप्य/अपवृद्धि के कारण स्वीकार कर लिया गया है । मृतक सैन्य कार्मिक को विशेष पारिवारिक पेंशन अगले वारिस को स्वीकृत किया जायेगा ।
विशेष पारिवारिक पेंशन निम्नलिखित मामलों पर लागू नही होती :-
- यदि कार्मिक ने अपना जीवन काल सामान्य रुप से व्यतीत किया है और उसकी मृत्यु 60 वर्ष या उसके ऊपर होती है ।
- आत्महत्या मामलो में ।
- यदि व्यक्ति का चिकिसा श्रेणी ए, वाई, ई के तहत सेवामुक्त किया गया है तथा उसकी मृत्यु सेवानिवृत होने के 10 वर्ष पश्चात होती है ।
- लापता मामलों में ।
- गणनीय परिलब्धियों के 60% की निश्चित दर पर गणना की जाएगी (वेतन जिसमें अंतिम आहरित वर्गीकरण भत्ता,अवरुद्ध वेतनवृद्धि भी शामिल है) विधवा के बच्चा/च्चे हो या न हो; न्यूनतम 2550/रु. प्रतिमाह देय होगी । विशेष पारिवारिक पेंशन पर कोई अधिकतम सीमा नहीं है । यदि बच्चे लाभार्थी है विशेष पारिवारिक पेंशन उसी दर पर(जैसा कि गणनीय परिलब्धियों का 60%) सबसे ज्येष्ठ योग्य बच्चे को जब तक 25 वर्ष का नहीं हो जाता/जाती या उसके/उसकी विवाह होने तक जो भी पहले हो देय होगा,तपश्चात विशेष पारिवारिक पेंशन अगले योग्य बच्चे को दे दी जाएगी ।
